धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान: शंकराचार्य विवाद पर संयम की अपील, कोटा कोचिंग पर भविष्यवाणी

कोटा: धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान: बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री शुक्रवार को कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र के खैराबाद में आयोजित श्रीराम कथा गो-माता महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर

EDITED BY: Mehra Rajesh Kumar

UPDATED: Friday, January 23, 2026

Dhirendra Shastri Kota Statement

कोटा: धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान: बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री शुक्रवार को कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र के खैराबाद में आयोजित श्रीराम कथा गो-माता महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी समाचार और सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है, लेकिन वे इससे प्रत्यक्ष रूप से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के विवादों से सनातन धर्म की छवि को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए और सभी पक्षों को संयम से काम लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चाहे शंकराचार्य हों या सरकार, दोनों ही सनातन परंपरा से जुड़े हुए हैं। ऐसे में आपसी मतभेदों को सार्वजनिक टकराव का रूप देना उचित नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि “दोनों अपने हैं, टकराव से किसी को लाभ नहीं होगा। संवाद और संतुलन से ही समाधान निकलेगा।”

इसके अलावा धीरेंद्र शास्त्री ने कोटा कोचिंग इंडस्ट्री को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कोटा शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान हासिल करेगा। हाल के समय में कोटा में कुछ नीरसता जरूर देखने को मिली है, लेकिन यह स्थिति स्थायी नहीं है।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कोटा फिर से गुलजार होगा, बड़ी संख्या में छात्र लौटेंगे और कोटा देश के प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में दोबारा स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि कोटा की पहचान मेहनत, अनुशासन और सफलता से जुड़ी रही है और यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।