AI बना साइबर ठगों का सबसे खतरनाक हथियार, 2026 में और बढ़ेगा खतरा

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह साइबर अपराधियों का सबसे घातक हथियार बनता जा रहा है। वर्ष 2025 के अंत तक एआई आधारित डीपफेक और वॉइस क्लोनिंग के जरिए होने वाली ठगी के मामलों में तेज़ी

EDITED BY: Mehra Rajesh Kumar

UPDATED: Wednesday, December 31, 2025

AI बना साइबर ठगों का सबसे खतरनाक हथियार, 2026 में और बढ़ेगा खतरा

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह साइबर अपराधियों का सबसे घातक हथियार बनता जा रहा है। वर्ष 2025 के अंत तक एआई आधारित डीपफेक और वॉइस क्लोनिंग के जरिए होने वाली ठगी के मामलों में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों और ट्रेंड एनालिसिस रिपोर्ट्स के अनुसार, 2026 में यह खतरा और गंभीर रूप ले सकता है।

सोशल मीडिया से उठाई जा रही आवाज़ और चेहरा

साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से लोगों की छोटी ऑडियो-वीडियो क्लिप्स निकालकर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों या प्रसिद्ध हस्तियों की आवाज़ और चेहरा हूबहू कॉपी कर रहे हैं। इसके जरिए वे लोगों को दुर्घटना, पुलिस केस या इमरजेंसी का हवाला देकर लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं।

साइबर फ्रॉड में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

गृह मंत्रालय द्वारा लोकसभा में 22 जुलाई 2025 को दिए गए अनस्टार्ड क्वेश्चन नंबर 344 के जवाब के अनुसार,राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) औरसिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) के आंकड़ों से पता चला है कि—

2024 में साइबर फ्रॉड से नागरिकों को 22,845.73 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ

2023 में यह नुकसान 7,465.18 करोड़ रुपये था

यानी एक साल में साइबर ठगी के मामलों में करीब 206 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

भारत से लेकर अमेरिका तक अलर्ट

हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली जैसे बड़े शहरों में वॉइस क्लोनिंग से ठगी के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं।वहीं अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने भी 2025 में चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ठग एआई तकनीक के जरिए परिवार के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों की आवाज़ व वीडियो क्लोन कर रहे हैं। FBI के अनुसार, अप्रैल 2025 से सीनियर अधिकारियों की नकल कर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।

वैश्विक स्तर पर भी खतरा गंभीर होता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 के पहले चार महीनों में ही डीपफेक फ्रॉड से 200 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हो चुका है।

AI से ठगी के प्रमुख तरीके

1. वॉइस क्लोनिंग कॉल

ठग किसी करीबी की आवाज़ में फोन कर दुर्घटना, गिरफ्तारी या इमरजेंसी का बहाना बनाकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहते हैं।

2. डीपफेक सेलिब्रिटी स्कैम

एलन मस्क जैसे चर्चित चेहरों का डीपफेक वीडियो बनाकर फर्जी क्रिप्टो और शेयर इन्वेस्टमेंट स्कीम्स का प्रचार किया जाता है।2025 में नोमानी इन्वेस्टमेंट स्कैम में एआई डीपफेक के उपयोग में 62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

3. रियल-टाइम डीपफेक वीडियो कॉल

लाइव वीडियो कॉल के दौरान चेहरा बदलकर बैंक अधिकारी, रिश्तेदार या परिचित बनकर ठगी की जाती है।इसके अलावा रोमांस स्कैम में भी एआई चैटबॉट और डीपफेक वीडियो का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

अनजान कॉल्स और वीडियो कॉल्स पर तुरंत भरोसा न करें

पैसे से जुड़ा कोई भी फैसला करने से पहले दूसरे माध्यम से पुष्टि जरूर करें

सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत ऑडियो-वीडियो कंटेंट साझा करते समय सावधानी बरतें