Rajasthan Assembly: CM भजनलाल शर्मा का संबोधन, विपक्ष का वॉकआउट

जयपुर। Rajasthan विधानसभा में मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के संबोधन के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा पेश किया, जबकि विपक्ष ने सरकार पर मुद्दे से भटकने

EDITED BY: Mehra Rajesh Kumar

UPDATED: Saturday, February 21, 2026

Rajasthan Assembly News

जयपुर। Rajasthan विधानसभा में मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के संबोधन के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा पेश किया, जबकि विपक्ष ने सरकार पर मुद्दे से भटकने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।


80% घोषणाएं पूरी या क्रियान्वयन चरण में: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने सदन में आंकड़ों के आधार पर दावा किया कि उनकी सरकार ने अब तक की गई लगभग 80 प्रतिशत घोषणाओं को या तो पूरा कर लिया है या उन्हें धरातल पर लागू कर दिया है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025–26 में कुल 2,719 घोषणाएं की गईं, जिनमें से:

  • 919 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं
  • 1,531 घोषणाओं पर तेजी से काम जारी है
  • कुल 2,450 योजनाएं पूर्ण या क्रियान्वयन की अवस्था में हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस गरीब, किसान, मजदूर और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर को बेहतर बनाना रहा है।


दो साल में 10 लाख नए पेंशन लाभार्थी जुड़े

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दो वर्षों में 10 लाख से अधिक नए पेंशन लाभार्थी जोड़े गए। सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर लगभग 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

उन्होंने विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना में भी लाभार्थियों की संख्या और व्यय में वृद्धि का दावा किया।

इसके अलावा:

  • बीपीएल आवास आवंटन में बढ़ोतरी
  • निर्माण श्रमिक कल्याण योजना में अधिक सहायता
  • पूर्व सरकार की तुलना में ज्यादा लाभार्थियों को सीधा फायदा

का उल्लेख करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।


‘2 साल बनाम 5 साल’ पर विपक्ष का हमला

मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान नेता प्रतिपक्ष Tikaram Jully ने आरोप लगाया कि सदन में पहले “2 साल बनाम 5 साल” पर चर्चा तय थी, लेकिन सरकार ने मुद्दे से ध्यान भटका दिया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इस चर्चा के प्रस्तावक थे, लेकिन बाद में इससे पीछे हट गए।

विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विधानसभा के मंच का इस्तेमाल अपनी उपलब्धियों के प्रचार के लिए कर रही है और चर्चा का दायरा बदलकर अलग-अलग समयावधियों की तुलना कर रही है।


सदन की गरिमा पर भी उठे सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के भाषण की शैली और स्वर पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना नेता सदन की जिम्मेदारी होती है। विपक्ष के विरोध के बीच अंततः कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।


राजनीतिक संदेश क्या?

राजस्थान की राजनीति में “2 साल बनाम 5 साल” का मुद्दा आने वाले समय में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है। एक ओर सरकार अपने दो साल के कार्यकाल को उपलब्धियों से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसे तुलनात्मक बहस का विषय बना रहा है।