Rajasthan Police Conference: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मजबूत और प्रभावी कानून व्यवस्था की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को नया स्वरूप दिया गया है, जिससे आमजन को त्वरित और पारदर्शी न्याय मिल रहा है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में राजस्थान की कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2023 की तुलना में राज्य में कुल अपराधों में करीब 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
अपराधों में आई बड़ी गिरावट
सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य में हत्या के मामलों में 25 प्रतिशत, लूट की घटनाओं में 50 प्रतिशत, महिला अत्याचार के मामलों में 10 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 28 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने इसे पुलिस की मेहनत, बेहतर प्रशिक्षण और तकनीक के प्रभावी उपयोग का परिणाम बताया।
युवा दिवस पर थानों की विजिट का सुझाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस थानों को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा रहा है। गंभीर अपराधों की जांच अब एफएसएल के माध्यम से कराई जा रही है और एफआईआर से लेकर चार्जशीट व कोर्ट के फैसले तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा रहा है।
उन्होंने 12 जनवरी को आने वाले युवा दिवस पर विद्यार्थियों को थानों की विजिट करवाने का सुझाव देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को शुरुआती दौर में ही नए कानूनों, पुलिसिंग, नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा की जानकारी दी जानी चाहिए।
संगठित अपराध और साइबर क्राइम पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संगठित अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों के समर्थन में की जाने वाली गतिविधियों की स्क्रीनिंग कर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नशे की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने और साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट व ऑनलाइन ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।
बेहतर कानून व्यवस्था से निवेश को बढ़ावा
सीएम शर्मा ने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था से ही किसी राज्य में विकास और निवेश संभव होता है। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट धरातल पर उतर रहे हैं, जिससे प्रदेश में निवेश का सुरक्षित माहौल बना है।
पुलिस कल्याण और आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस बल को और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड, 350 करोड़ रुपये की लागत से सरदार पटेल साइबर कंट्रोल रूम और राजस्थान पुलिस तकनीकी प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना की जा रही है। साथ ही वर्दी भत्ता, मैस भत्ते और अन्य सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की गई है।
राजस्थान पुलिस अकादमी को राष्ट्रीय पहचान
Rajasthan Police Conference के दौरान मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि भारत सरकार के क्षमता संवर्धन आयोग ने राजस्थान पुलिस अकादमी को देश का उत्कृष्ट प्रशिक्षण संस्थान घोषित किया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह देश की पहली पुलिस अकादमी बनी है।
पुलिसिंग में संवेदनशीलता और तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसिंग में संवेदनशीलता, सामुदायिक सहभागिता और तकनीक का संतुलन जरूरी है। उन्होंने खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण में एआई और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को थानों को गोद लेने और प्रशिक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ई-विजिटर्स पोर्टल, ई-जीरो एफआईआर का शुभारंभ किया और राजस्थान पुलिस प्राथमिकता-2026 पुस्तिका का विमोचन भी किया।
👉 Rajasthan Police Conference ने साफ संदेश दिया कि मजबूत पुलिस व्यवस्था ही सुरक्षित समाज और विकसित भारत की नींव है।





