जयपुर: राजस्थान विधानसभा में बजट को लेकर सियासी घमासान देखने को मिला। मंगलवार (17 फरवरी) को सदन में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। हंगामे के बाद विधानसभा की कार्यवाही शाम 5 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
सदन दोबारा शुरू होने के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “आंकड़ों का जाल” बताते हुए कहा कि इसमें आम जनता के लिए कोई ठोस राहत नजर नहीं आती। उन्होंने सरकार पर कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में बजट कटौती करने का आरोप लगाया।
कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य के बजट में कटौती का आरोप
टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार ने कृषि बजट घटाया है और “संतुलन दिखाने” के लिए शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे विभागों के बजट में भी कटौती कर दी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है। भवन जर्जर हो चुके हैं, लेकिन मरम्मत के लिए बजट बेहद कम रखा गया है।
जूली ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने स्कूलों की मरम्मत के लिए “ऊंट के मुंह में जीरा” जितनी राशि दी है।
स्कूल मरम्मत को लेकर हाईकोर्ट का जिक्र
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार खुद अदालत में यह स्वीकार कर चुकी है कि स्कूलों की मरम्मत के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता है, लेकिन बजट में सिर्फ 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
उन्होंने शिक्षा विभाग में करीब डेढ़ लाख पद खाली होने का मुद्दा भी उठाया।
नौकरी और वेतन विसंगतियों पर सवाल
जूली ने सरकारी भर्ती और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में चार लाख भर्तियों की जरूरत बताई गई थी, लेकिन बजट में इसका कोई ठोस रोडमैप नजर नहीं आता।
उन्होंने कहा कि वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए भी कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।
जल जीवन मिशन पर उठाए सवाल, घोटाले की जांच पर भी टिप्पणी
टीकाराम जूली ने जल जीवन मिशन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार यह स्पष्ट नहीं कर रही कि राजस्थान को इस योजना के तहत केंद्र सरकार से कितना फंड मिला।
उन्होंने मिशन में कथित घोटालों और लंबी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर जनता को इस योजना का लाभ कितना मिला?
ERCP और रिफाइनरी परियोजना को लेकर सरकार से मांगा जवाब
जूली ने ईआरसीपी (ERCP) और रिफाइनरी परियोजना की प्रगति पर भी सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि सरकार रिफाइनरी के उद्घाटन की बात कर रही थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि उद्घाटन “किस अगस्त” में होगा।
उनका कहना था कि जनता को घोषणाओं के बजाय वास्तविक प्रगति दिखाई जाए।
योजनाओं के नाम बदलने पर तंज
टीकाराम जूली ने सरकार पर योजनाओं के नाम बदलने को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि योजनाओं के नाम इतने बदले जा रहे हैं कि खुद मंत्रियों को भी याद नहीं रहता कि योजना का असली नाम क्या है।
बजट को बताया “थोथी घोषणाओं का पुलिंदा”
नेता प्रतिपक्ष ने बजट को “थोथी घोषणाओं का पुलिंदा” करार देते हुए कहा कि इसमें जमीनी स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने सरकार के “5 साल बनाम 2 साल” के तुलना वाले दावों को भी “हवाई बातें” बताया।
शायरी के जरिए किया कटाक्ष
जूली ने भाषण के दौरान शायराना अंदाज में तंज कसते हुए कहा—
“तुम जहां सिफारिश से पहुंचे हो, वहां हम चलकर आए हैं।”
उन्होंने बजट को अब तक का “सबसे नीरस बजट” बताते हुए कहा कि बजट पेश होते समय कई मंत्री सदन में ऊंघते नजर आए।
“बजट का थैला भी भगवा कर दिया” बयान पर चर्चा
जूली ने कहा कि “Budget” फ्रेंच भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ “चमड़े का थैला” होता है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार ने तो “थैले का रंग भी भगवा कर दिया।”
इस पर मंत्री सुरेश रावत ने आपत्ति जताई, तो जूली ने जवाब दिया कि उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है।
लिंगभेदी टिप्पणी पर जताई नाराजगी
जूली ने बीजेपी विधायक बहादुर सिंह कोली की कथित लिंगभेदी टिप्पणी पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी में भेदभाव वाली सोच आज के समय में शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि उनकी खुद की भी दो बेटियां हैं और ऐसी सोच दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘लखपति दीदी योजना’ पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि चुनावी राज्यों में महिलाओं के खातों में पैसा भेजा जा रहा है, लेकिन राजस्थान की महिलाओं को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा?
उन्होंने लखपति दीदी योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना एक लाख रुपये दिए किसी को लखपति कैसे बनाया जा सकता है।
625 रुपये में दो यूनिफॉर्म पर चुनौती
जूली ने शिक्षा विभाग के बजट पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार दावा कर रही है कि 625 रुपये में दो स्कूल यूनिफॉर्म बनवाई जाएंगी।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री खुद 625 रुपये में दो ड्रेस सिलवाकर दिखाएं।




