चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भावान्तर भरपाई योजना के अंतर्गत बाजरा उत्पादक किसानों के लिए 380 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की उन्नति के बिना प्रदेश की खुशहाली संभव नहीं है, इसलिए सरकार की सभी नीतियों का केंद्र बिंदु किसान कल्याण है।
मुख्यमंत्री यह बात अपने सरकारी आवास संत कबीर कुटीर में किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कह रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, प्रदेश महामंत्री (संगठन) फणीन्द्रनाथ शर्मा, प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया, डॉ. अर्चना गुप्ता, किसान मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राजबाला सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
खेती के हर चरण में किसानों को सरकार का सहयोग
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार किसानों को बुवाई से लेकर कटाई तक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी प्रदान कर रही है। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फसल मुआवजा और फसल बीमा की सुविधा दी जाती है, वहीं फसल कटाई के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद कर भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाता है।
सूक्ष्म सिंचाई अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे किसानों को सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करें। इससे एक ओर जल संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर खेती की लागत में भी कमी आएगी।
24 फसलों की MSP पर खरीद, किसानों को सीधा भुगतान
उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों की 24 फसलों की खरीद MSP पर की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। पिछले 11 वर्षों में फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15,728 करोड़ रुपये किसानों को दिए गए हैं।
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ से आसान हुई फसल बिक्री
फसल बिक्री को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए सरकार ने “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए किसान घर बैठे फसल बिक्री के साथ-साथ खाद, बीज, ऋण और कृषि उपकरणों से जुड़ी आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहे हैं।
खरीफ 2025 में आपदा से प्रभावित किसानों को मुआवजा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि खरीफ सीजन 2025 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 53,821 किसानों को 116.51 करोड़ रुपये से अधिक की मुआवजा राशि जारी की गई है।
किसानों को बड़ी राहत: आबियाना खत्म, बकाया माफ
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अंग्रेजों के समय से चले आ रहे आबियाना प्रथा को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही किसानों पर बकाया 133 करोड़ रुपये से अधिक का आबियाना माफ किया गया है।
उन्होंने कहा कि गन्ने का भाव बढ़ाकर 415 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जो देश में सबसे अधिक है।
ई-नाम, आधुनिक मंडियां और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
सरकार ने 108 मंडियों को ई-नाम पोर्टल से जोड़ा है। पिंजौर में एशिया की सबसे बड़ी आधुनिक फल-सब्जी मंडी की शुरुआत की गई है।
प्राकृतिक खेती योजना के तहत 31,873 एकड़ क्षेत्र में खेती अपनाने के लिए किसानों का सत्यापन किया गया है और अनुदान राशि सीधे खातों में भेजी गई है।
किसान योजनाओं से करोड़ों का लाभ
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 20.18 लाख किसानों को 7233 करोड़ रुपये
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 33.51 लाख किसानों को 9127 करोड़ रुपये
- एकमुश्त निपटान योजना के तहत लाखों किसानों का हजारों करोड़ रुपये का ब्याज माफ
सिंचाई, बायोगैस और सोलर पंप पर भारी सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने बताया कि
- बायोगैस प्लांट पर ₹9,800 से ₹29,250 तक अनुदान
- सोलर पंप पर 75% सब्सिडी
- सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों पर 85% अनुदान
- भूमिगत पाइपलाइन योजना में प्रति एकड़ सहायता
सरकार का लक्ष्य “हर खेत को पानी” पहुंचाना है, जिसके लिए जलमार्गों के पुनर्वास पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
किसानों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी हर किसान तक पहुंचाएं, ताकि किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सकें।





